
पिथौरागढ़। सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज हल्द्वानी के कर्मचारियों और डाक्टरों को पहाड़ के लोगों के प्रति अपना व्यवहार बदलना पड़ेगा। पहाड़ के लोगों को बेवकूफ समझने की प्रवृत्ति छोड़नी पड़ेगी। धारचूला के विधायक हरीश धामी का सुशीला तिवारी अस्पताल को लेकर गुस्सा कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सुशीला तिवारी अस्पताल(एसटीएच) की व्यवस्थाओं को सुधारकर ही दम लूंगा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को तत्काल हटाया जाना चाहिए। किसी भी संस्थान में जब तक उसका मुखिया ठीक नहीं होगा तब तक संस्थान की व्यवस्था भी नहीं सुधर सकती। सुशीला तिवारी अस्पताल में गिरगांव सड़क दुर्घटना के पांच घायलों को लेकर पहुंचे हरीश धामी अस्पताल की व्यवस्था, कर्मचारियों के व्यवहार तथा पहाड़ के गरीब मरीजों के साथ होने वाली अमानवीय व्यवहार से खिन्न हैं।
विधायक धामी गिरगांव दुर्घटना में घायल नीरज, नरेश सिंह, नंदी देवी, प्रताप सिंह और नरेंद्र सिंह को पहले सुशीला तिवारी अस्पताल ले गए थे। वहां के डाक्टरों, स्टाफ और अधिकारियों के व्यवहार से बौखलाकर उन्होंने सभी घायलों को देहरादून के जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती करा दिया। धामी शनिवार की सुबह दिल्ली रवाना हो गए हैं। धामी ने देहरादून से फोन पर बताया कि सिर्फ प्रताप सिंह को छोड़ सभी घायलों की हालत में सुधार है। प्रताप सिंह का आपरेशन होना है। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली से लौटने के बाद अस्पताल की अव्यवस्थाओं की जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे। साथ ही स्वास्थ्य मंत्री को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।
तेजम में ग्लूकोल चढ़ाने तक का भी इंतजाम नहीं
पिथौरागढ़। विधायक हरीश धामी का कहना है कि पहाड़ पर यदि अस्पतालों की व्यवस्था ठीक होती तो उनको हल्द्वानी या देहरादून ले जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। गिरगांव के घायलों को पहले तेजम अस्पताल लाया गया लेकिन वहां पर ग्लूकोज चढ़ाने तक का भी इंतजाम नहीं था। यही हाल गोचर अस्पताल के भी हैं। जिला अस्पताल में तो यह हाल हैं कि वहां पर गंभीर किस्म के आपरेशन संभव ही नहीं हैं। हल्द्वानी लाने पर जिन कटु अनुभवों से गुजरना पड़ा उसे लेकर विधायक धामी व्यथित हैं। अब देखना है कि व्यवस्था में सुधार की उनकी मुहिम क्या रंग लाती है।
